टेस्ट क्रिकेट में चौथी पारी में 400 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल करना किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती होती है। अब साउथ अफ्रीका के पास टेस्ट का इतिहास बदलने का मौका है। डरबन के किंग्समीड मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में मेजबान टीम को जीत के लिए 421 रन बनाने हैं। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 102 रन बना लिए थे। टीम को अंतिम दिन जीत के लिए 319 रन और चाहिए, जबकि उसके हाथ में सिर्फ 6 विकेट बाकी हैं।
टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने अब तक कोई टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। ऐसे में 13 अक्टूबर को टीम के सामने न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में बढ़त बनाने की चुनौती होगी, बल्कि अपने कप्तान के इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने का दबाव भी रहेगा। हालांकि, इसके लिए बल्लेबाजों को अंतिम दिन असाधारण प्रदर्शन करना होगा।
WI के नाम है सबसे बड़े रन चेज का रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट के करीब 149 साल के इतिहास में अब तक कोई भी टीम चौथी पारी में 420 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है। अगर साउथ अफ्रीका 421 रन बनाकर जीत दर्ज कर लेती है, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े सफल रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लेगी। फिलहाल यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम है। कैरेबियाई टीम ने मई 2003 में सेंट जॉन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 418 रन का लक्ष्य हासिल कर तीन विकेट से जीत दर्ज की थी। इस सूची में साउथ अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। उसने दिसंबर 2008 में पर्थ के वाका मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 414 रन का लक्ष्य 4 विकेट खोकर हासिल किया था।
टेस्ट क्रिकेट में अब तक केवल चार बार किसी टीम ने चौथी पारी में 400 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल करके मैच जीता है। भारत ने 1976 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 403 रन का लक्ष्य हासिल किया था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने 1948 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में 404 रन बनाकर जीत दर्ज की थी।
साउथ अफ्रीका को तोड़ना होगा अपना ही रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका का सबसे बड़ा सफल रन चेज 414 रन का है, जो उसने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में हासिल किया था। इस बार टीम को उससे भी 7 रन ज्यादा बनाने होंगे। हालांकि, साउथ अफ्रीका में खेले गए टेस्ट मैचों में सबसे बड़े सफल रन चेज का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पास है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जनवरी 1950 में किंग्समीड में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 336 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
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